नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोहम् ।
महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे
पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते ।।१।।

प्रभो शक्तिमन् हिन्दुराष्ट्राङ्गभूता
इमे सादरं त्वां नमामो वयम्
त्वदीयाय कार्याय बध्दा कटीयं
शुभामाशिषं देहि तत्पूर्तये ।
अजय्यां च विश्वस्य देहीश शक्तिं
सुशीलं जगद्येन नम्रं भवेत्
श्रुतं चैव यत्कण्टकाकीर्ण मार्गं
स्वयं स्वीकृतं नः सुगं कारयेत् ।।२।।

समुत्कर्षनिःश्रेयसस्यैकमुग्रं
परं साधनं नाम वीरव्रतम्
तदन्तः स्फुरत्वक्षया ध्येयनिष्ठा
हृदन्तः प्रजागर्तु तीव्रानिशम् ।
विजेत्री च नः संहता कार्यशक्तिर्
विधायास्य धर्मस्य संरक्षणम् ।
परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रं
समर्था भवत्वाशिषा ते भृशम् ।।३।।

।। भारत माता की जय ।।

5 comments so far

  1. मैने कई बार अपने मुसलमान दोस्तों से यह सवाल पूछा कि उनका आर०एस०एस० के बारे में क्या सोचना है ?
    और दूसरा सवाल यह कि वे क्यों आर०एस०एस० की शाखाओं में जाना पसन्द नहीं करते ?

    मेरे मुसलमान मित्र मेरे बारे मे अच्छी तरह जानते हैं कि मै आर०एस०एस० का स्वयम सेवक हूं और स्थानीय शाखा में जाता रहता हूं /

    मेरे मित्र इस बात को स्वीकार करते हैं कि आर०एस०एस० सन्गठन बुरा नहीं है / मेरे आर०एस०एस० के स्वयम सेवक होने को वे अच्छा कहते है /

    शाखा न जाने के पीछे का उनका तर्क है कि मुसलमान सिर्फ़ और सिर्फ़ अल्लाह के सामने सिर झुकाते है और उनकी ही इबादत करते है / शाखा में ध्वज के सामने सिर झुकाया जाता है तथा ध्वज प्रणाम करते हैम , यह सब उनके मजहब के खिलाफ और शरियत के उसूलों के खिलाफ है / शाखाओं में की जाने वाली प्रार्थना “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे…..” उनके मजहब के अनुकूल नहीं है /

    इस कारण से मुसलमान भाई आर०एस०एस० से परहेज करते है / कुछ मुसलमान इसे साम्प्रदायिक सन्गठन मानते है लेकिन बहुत से इसे राष्ट्रवादी सन्गठन स्वीकार करते है /

  2. ABHIJIT THOSAR on

    R.S.S. एक वो संस्था है जिसने हिन्दुस्थान को सही मायनेसे जिंदा रखा है

  3. Arjunsing Maansing Raana on

    अगर संघ ना होता तो पाकिस्तान की बोर्डर दिल्लि होती

  4. shubham tripathi on

    भारत माता की जय

  5. pawan aileniwar on

    bharat mata ki jai


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

%d bloggers like this: